मोदी जी ! इस लॉकडाउन के बाद भी कंट्रोल नहीं हुआ कोरोना तो आगे क्या होगा ?

मोदी जी ! इस लॉकडाउन के बाद भी कंट्रोल नहीं हुआ कोरोना तो आगे क्या होगा ?




कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की मंगलवार को घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि संक्रमण पर रोक लगाने में लॉकडाउन के प्रभावी नतीजे मिले हैं । प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि दूसरे चरण में लॉकडाउन का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जायेगा । और बुधवार को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह नये क्षेत्रों में न फैले । प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में हालात खराब होने की आशंका नहीं होगी, वहां 20 अप्रैल के बाद कुछ राहत दी जा सकती हैं।
प्रधानमंत्री के इस फैसले का जहां हर राजनीतिक दल ने समर्थन किया है। वहीं जदयू से निष्कासित नेता और राजनीतिक रणनीतिकार कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री से पूछा है कि 3 मई तक भी वांछित परिणाम नही आया तो क्या होगा।
दरअसल, प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर लिखा है कि लॉकडाउन 2 के तर्कसंगत और तौर-तरीकों पर अंतहीन बहस करना व्यर्थ है। हालांकि असली सवाल यह है कि अगर 3 मई तक इस चुने हुए रास्ते पर रहने पर भी परिणाम प्राप्त नहीं मिलता है, तो क्या होगा? क्या हमारे पास कोई वैकल्पिक योजना है या जो है, वो सही है?
यहां आपको बता दें कि प्रशांत किशोर लंबे समय तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में नौकरी कर चुके हैं। उन्होंने गुजरात में कुपोषण पर आलेख लिखा था, जिसके बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने साथ काम करने के लिए बुलाया था।
वीआईपी ने ‘लॉकडाउन’ अवधि में कर माफ करने की रखी मांग
उधर, कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में लागू लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाए जाने के बाद अब विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने सभी तरह के करों को माफ करने की मांग की है। बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल वीआईपी के सवर्ण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि सरकार को सभी तरह के कर को माफ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब कोई काम हो ही नहीं रहा, तो कर (टैक्स) लेने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने खास तौर पर ट्रक मालिकों एवं सभी तरह के कॉमर्सियल वाहन मालिकों को राहत पहुंचाने की मांग करते हुए कहा कि लॉकडाउन से कुछ महीने पहले से ही बालू के व्यापार पर रोक लगाने से ट्रक मालिकों की हालत खराब हो गई है। सिंह ने कोरोना से जारी जंग में लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि देश को महामारी से बचाने का यही एक तरीका है। जब तब सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होगी, कोरोना का चेन नहीं टूटने वाली। उन्होंने इस दौरान जरूरतमंदों को आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए सभी को आगे आने की अपील की।

कोरोना : तीन महीने तक भारत बंद रहेगा, मोदी सरकार जल्द कर सकती है ये बड़ा...

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नई दिल्ली। आज पूरी दुनिया कोरोनावायरस से जूझ रही है जिसमें भारत भी शामिल है और भारत में कोरोनवीरस से पीड़ित रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, इसलिए सरकार ने कोरोनावायरस का एकमात्र समाधान बंद कर दिया है। कोरोनोवायरस ने पूरी दुनिया को त्रस्त कर दिया है। भारत में संक्रमित लोगों की संख्या 1000 हो गई है, भारत अभी भी कोरोना के दूसरे चरण में है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जल्द ही कोरोनोवायरस के तीसरे चरण में पहुंच सकता है।
पीएम मोदी ने बिना समय गंवाए भारत में 21 दिनों का तालाबंदी की है। मोदी सरकार ने अगले दिन राहत पैकेज की घोषणा की। गौरतलब है कि कोरोना के कारण केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की थी। कोरोना के प्रकोप के खिलाफ सरकार द्वारा युद्ध छेड़ने से प्रभावित गरीबों की कठिनाइयों को देखते हुए 1,71,000 करोड़।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा है कि इसकी मदद से गरीबों और किसानों को सीधे बैंक में नकदी जमा कराई जाएगी और उन्हें स्थानांतरण की खाद्य सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस बार मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी बढ़ाकर 2000 रुपये कर दी गई है, साथ ही किसानों, पेंशन धारकों, गरीब विधवाओं, जन धन खाता रखने वाली महिलाओं, उज्जवला योजना के लाभार्थियों ने सभी को राहत देने की घोषणा की है। अगर इन सभी चीजों पर गौर किया जाता है, तो सब कुछ की तैयारी केवल तीन महीने के लिए चल रही है। लॉक डाउन की अवधि तीन महीने तक भी बढ़ सकती है।
संदर्भ पढ़ें रिपोर्ट
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कोरोना संक्रमित 1000 जमातियों पर बड़ी खबर, सरकार ने उठाया ये कदम........

कोरोना संक्रमित 1000 जमातियों पर बड़ी खबर, सरकार ने उठाया ये कदम........



दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात के लोगों को घर जाने की अनुमति दी है।कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई बीमारी कोविड-19 से ठीक हुए जमात के लोगों को सरकार ने घर जाने की अनुमति दे दी है।  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं और सभी का क्वारंटीन पीरियड भी समाप्त हो चुका है।

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात के लोगों को घर जाने की अनुमति दी है।कोरोना वायरस के संक्रमण से हुई बीमारी कोविड-19 से ठीक हुए जमात के लोगों को सरकार ने घर जाने की अनुमति दे दी है।  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं और सभी का क्वारंटीन पीरियड भी समाप्त हो चुका है।
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उन्होंने यह भी कहा कि इन जमातियों में से जिन पर भी मुकदमा है उन पर दिल्ली पुलिस ऐक्शन ले। जैन ने कहा कि इन लोगों को पुलिस हिरासत में भेजा जाए और बाकियों को अपने-अपने घर जाने दिया जाए। मार्च महीने के आखिरी में निजामुद्दीन मरकज से या कुछ अन्य जगहों से 4 हजार से ज्यादा लोग पकड़े गए थे। इनमें से एक हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए गए थे, बाकी लोगों को अलग-अलग क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था। इन सभी ने हजरत निजामुद्दीन मरकज में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम ‘जोड़’ में शिरकत किया था।

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बता दें कि , दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को निजामुद्दीन मरकज के मुखिया मौलाना साद के बेटे से पूछताछ की थी। पूछताछ उन 20 लोगों के गायब होने को लेकर हुई जो दिशानिर्देशों को धता बताकर निजामुद्दीन मरकज में जलसे में शामिल हुए थे या फिर मरकज की मैनेजमेंट टीम के हिस्से हैं।

रामायण: अरुण गोविल की सम्मान ना मिलने की बात पर दीपिका ने शेयर कर दी पूर्म पीएम संग फोटो

रामायण: अरुण गोविल की सम्मान ना मिलने की बात पर दीपिका ने शेयर कर दी पूर्म पीएम संग फोटो

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लॉकडाउन के बाद एक बार फिर दूरदर्शन पर पुराने सीरीयल दिखाए जा रहे हैं। रामायण भी दिखाई गई जिसने टीआरपी के रिकॉर्ड तोड़ दिए। रामायण के सभी कैरेक्टर एक बार फिर से खुश हो गए हैं क्योंकि उनकी फैन फोलोइंग एक बार देखने को मिली। हालांकि इस बीच रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने एक ऐसी बात बताई जिस पर वाकई में विचार होना चाहिए।

अरुण गोविल ने ट्विटर पर एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई सम्मान नहीं मिला। वो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पचास साल से मुंबई मे हैं लेकिन दोनों ही सरकारों ने उन्हें कोई सम्मान नहीं मिला। यहां तक कि उन्होंने केंद्र सरकार का भी नाम लिया।

अब इस मामले में सीता का किरदार निभाले वाली दीपिका चिखालिया का कुछ और ही कहना है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की है जिसमें रामायण की स्टारकास्ट पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी नजर आ रहे हैं। इसमें दीपिका के अलावा अरुण गोविल भी नजर आ रहे हैं। दीपिका ने लिखा कि ये पहली बार है जब उन्हें सम्मानित किया गया था। उन लोगों को पीएम से मिलने के लिए दिल्ली बुलाया गया था।


तो क्या अरुण गोविल अपने अकेले के सम्मान पाने की बात कर रहे हैं? अगर ऐसा भी है तो वो सम्मान के हकदार तो हैं ही। वैसे रामायण से निकलने के बाद अरुण ने फिल्मों और सीरीयल में काम किया लेकिन उनकी छवि राम वाली ही बन गई। जिसकी वजह से उन्हें बाद में फिल्मों में काम भी नहीं मिलता था।

‘मुझे कोरोना है, 40 लोगों को मिल चुका हूं, सबको मार डालूंगा.. अल्लाह हू अकबर !’

‘मुझे कोरोना है, 40 लोगों को मिल चुका हूं, सबको मार डालूंगा.. अल्लाह हू अकबर !’




‘अल्लाह हू अकबर, मुझे कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया है। मैं तो मरूंगा और अब मैं इस गांव के और लोगों में भी वायरस फैलाकर इसका बदला लूंगा। मैं अब तक 40 लोगों को मिल चुका हूं और उन्हें कोरोना संक्रमित कर चुका हूं। आगे भी मुझे जो मिलेगा, मैं सबको मार कर ही मरूंगा। यह सब कहना है संगरूर जिला स्थित भवानीगढ़ कस्बे के गांव रामपुरा में लगे पोस्टर लगाने वाले अज्ञात युवक का। गांव की दीवार पर इस तरह के पोस्टर लगा दहशत का माहौल बना दिया है।
क्या है मामला
संगरूर जिले स्थित भवानीगढ़ कस्बे के गांव रामपुरा में किसी ने गांव की दीवार पर पोस्टर लगा दिया है। इस पोस्टर को देखकर गांव वालों ने पोस्ट पढ़ा। पंचायत को बताया। गांव की पंचायत ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दीवार पर लगा पोस्टर कब्जे में ले लिया है।

क्या लिखा है पोस्टर पर
पुलिस के अनुसार पोस्टर पर लाल रंग की स्याही से अज्ञात व्यक्ति ने किसी नुकीली चीज से लिखा है कि वह अब तक 40 से अधिक व्यक्तियों को मिल चुका है। उसे कोई नहीं ढूंढ सकता। वह सभी को मारकर ही मरेगा।
क्या कहते हैं गांव के लोग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं है। यह किसी व्यक्ति ने जान-बूझकर माहौल को खराब करने के लिए साजिश के तहत पोस्टर लगाया है। यह गांव के लोगों में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की साजिश है। इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
जांच में जुटी पुलिस
थाना प्रमुख भवानीगढ़ रमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने पोस्टर को सेनेटाइज करके अपने कब्जे में ले लिया है। मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है।

BIG BREAKING :- सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के खांसी जुखाम से नहीं फैल रहा कोरोनावायरस बल्कि गैस छोड़ना बन गया है इसका मुख्य कारण ?

BIG BREAKING :- सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के खांसी जुखाम से नहीं फैल रहा कोरोनावायरस बल्कि गैस छोड़ना बन गया है इसका मुख्य कारण ?



सिर्फ खांसी और चिकने से नहीं बल्कि गैस छोड़ने से भी हो सकता है कोरोनावायरस।

आज इस आर्टिकल में हम आपको कोरोनावायरस के बारे में बताने जा रहे हैं इसमें हाल ही में एक नई बात सामने आई है पहले यह कहा जाता था कि कोरोनावायरस के संक्रमित व्यक्ति के खाँसने य छीकने से किसी अन्य व्यक्ति को कोरोना वायरस हो सकता है।

लेकिन हाल ही में डॉक्टरों ने यह भी बताया है कि यदि कोर्ट में वायरस से संक्रमित व्यक्ति गैस छोड़ता है तो उस केस के संपर्क में आए लोगों को कोरोना वायरस हो सकता है।

फार्ट के जरिये कोरोना फैलने को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी। अब ऑस्ट्रेलिया की नंबर वन न्यूज साइट News.com.au की एक रिपोर्ट में इस सवाल का जवाब मशहूर फिजिशियन डॉ नॉर्मन स्वान ने दिया है।

उन्होंने कहा कि लोगों को एक-दूसरे के आसपास फार्ट करने से बचना चाहिए। ताकि वायरस ना फैले। साथ ही ये कोशिश करनी चाहिए कि बिना पैंट्स के भी आप ऐसा बिलकुल ना करें।

BIG BREAKING :- कोरोनावायरस ने बदले अपने लक्षण अब तेज खांसी और बुखार नहीं बल्कि ये है लक्षण ?

BIG BREAKING :- कोरोनावायरस ने बदले अपने लक्षण अब तेज खांसी और बुखार नहीं बल्कि ये है लक्षण ?


कोरोना वायरस ने बदलाव क्या रंग रूप बदल गए हैं इसके लक्षण।

इस आर्टिकल में हम आपको कोरोना वायरस के बारे में बताने जा रहे हैं कोरोनावायरस के शुरुआती लक्षण इंसान को बुखार और खांसी होती थी लेकिन अब इस वायरस के लक्षण भी धीरे-धीरे बदल रहे हैं।

शनिवार को दिल्ली में कोरोना के 186 नए मामले सामने आए डराने वाली बात ये है कि इन सभी मे कोरोना के लक्षण नहीं थे इन सभी को पता ही नहीं था की उन्हें कोरोना है, वो कोरोना वायरस को लेकर घूम रहे थे ।

यहां तक कि इनमें से एक ने दिल्ली सरकार के फूड सेंटर में जाकर खाना भी बांट रहे थे अब आपको इंदौर की ये खबर बताते हैं इंदौर के जुनी थाने के एसएचओ देवेंद्र चंद्रवंशी की कोरोना वायरस से मौत हो गई है।

अब दुनिया में कोरोनावायरस के लक्षण बदल रहे हैं पहले इस सेक्शन में तेज बुखार और खांसी होती थी तो अब इसमें पैरों में घाव होना शुरू हो गए हैं लोगों को इस वायरस के लक्षण समझ में ही नहीं आ रहे हैं यह लगातार बदलते ही जा रहे हैं आपको थोड़ी बहुत भी परेशानी हो तो आप निजी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच जरूर करवा ले।

बड़ी खबर : चीन ने कोरोना के पीछे रची ये बड़ी साजिश, हो गया पर्दाफाश

बड़ी खबर : चीन ने कोरोना के पीछे रची ये बड़ी साजिश, हो गया पर्दाफाश



अमेरिका ने चीन पर गुप्त रूप से कम शक्ति वाले परमाणु परीक्षण का आरोप लगाया है। अमेरिका का कहना है कि चीन ने इस तरह के विस्फोटों पर रोक लगाने वाले अंतरराष्ट्रीय समझौते के बावजूद ऐसा कदम उठाया है। हालांकि, चीन ने किसी भी परीक्षण से इनकार कर दिया है। चीन ने कहा कि वह परमाणु परीक्षण पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही, बीजिंग द्वारा गुप्त रूप से भूमिगत परमाणु परीक्षण शुरू करने के अमेरिकी आरोप को गैर जिम्मेदाराना और गलत बयान करार दिया गया।
आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को एक खबर के हवाले से कहा कि चीन एक गुप्त भूमिगत परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहा है, जबकि उसने दावा किया कि वह इस तरह के विस्फोटों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध समझौते का अनुपालन करता है। हॉन्गकॉन्ग से प्रकाशित साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट ने अमेरिकी ख़बरों के हवाले से लिखा है, “परमाणु विस्फोट के लिए चीन द्वारा निर्धारित” शून्य उपज “मानक के संभावित उल्लंघन पर अमेरिका की चिंता है, जो 2019 में पूरे साल चीन को नूर देता है।” साइट पर गतिविधि के कारण परमाणु परीक्षण हुआ है। ”

चीन और पाकिस्तान एक साथ काम कर रहे हैं
अमेरिका चिंतित है कि विस्फोटों के दौरान चीन ‘शून्य उपज’ का उल्लंघन कर सकता है। शून्य उपज एक परमाणु परीक्षण है जिसमें कोई श्रृंखला प्रतिक्रिया नहीं होती है, जैसे कि परमाणु हथियार के विस्फोट पर। आपको बता दें कि चीन और पाकिस्तान संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा परीक्षण किए गए कम तीव्रता वाले परमाणु बम पर एक साथ काम कर रहे हैं। वे एक छोटे से क्षेत्र को लक्षित करना आसान बनाते हैं।
चीन परमाणु हथियारों की ताकत बढ़ा रहा है – एमपी कॉटन
1996 में अमेरिका और चीन दोनों ने व्यापक प्रतिबंध संधि (CTBT) पर हस्ताक्षर किए। रिपब्लिकन सांसद टॉम कॉटन ने कहा, “जबकि अमेरिका इस संधि का पालन कर रहा है, चीन इसे तोड़ रहा है और अपने परमाणु हथियारों की ताकत बढ़ा रहा है।” चीन ने साबित कर दिया है कि वह ईमानदारी से काम नहीं कर सकता है। ” पिछले साल मई में, यूएस डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने रूस के खिलाफ ऐसे आरोप लगाए, जो कभी साबित नहीं हुए। अमेरिकी हॉक ने कई बार ट्रम्प प्रशासन से सीटीबीटी संधि को भंग करने की मांग की है, ताकि अमेरिका स्वतंत्र रूप से परमाणु परीक्षण कर सके।
चीन ने डेटा ट्रांसमिशन को ब्लॉक कर दिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने दावा किया है कि चीन ने अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी के निगरानी केंद्र से जुड़े सेंसर से डेटा ट्रांसमिशन को अवरुद्ध कर दिया है। यह वह एजेंसी है जो यह सुनिश्चित करती है कि परमाणु परीक्षण पर प्रतिबंध लगाने के समझौते का पालन किया जा रहा है। एक एजेंसी के प्रवक्ता ने वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि 2018 से अगस्त 2019 के बीच चीन से डेटा ट्रांसमिशन में ब्लॉक थे, लेकिन बाद के ब्लॉक नहीं थे।
चीन ने कहा- अमेरिका गलत आरोप लगा रहा है
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि अमेरिका झूठे आरोप लगा रहा है। चीन परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “चीन ने हमेशा एक जिम्मेदार रवैया अपनाया है और ईमानदारी से अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने के अपने वादों को पूरा किया है। अमेरिका का दावा पूरी तरह से बेकार है।”
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क्या होगा अगर लॉकडाउन की अवधि 3 महीने तक बढ़ जाए ? इसके क्या-क्या प्रभाव देखने को मिलेंगे?

क्या होगा अगर लॉकडाउन की अवधि 3 महीने तक बढ़ जाए ? इसके क्या-क्या प्रभाव देखने को मिलेंगे?


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अगर लॉकडाउन 3 महीने तक बढ़ गया तो उसके कुछ अच्छे और बुरे दोनों प्रभाव पड़ेंगे?

पहले दुशप्रभाव — अगर लॉकडाउन तीन महीने तक बढ़ा तो अर्थव्यव्स्था काफी ज्यादा गिर जाएगा और उससे भारत के सभी वर्ग के लोगो पर पड़ेगा। रोज़ कमाने खाने वाले भूखे मर जाएंगे।

मध्यम वर्गीय लोगों को भी खाने के लाने पर जाएंगे, काम धंधा छूट जाएगा मासिक वेतन नहीं मिलेगा। सरकार केवल ५०० महीना देकर बच जायेगी।



अब आते है अच्छे प्रभाव पर — तो अगर ऐसा होता है तो प्रकृति खुशहाल हो जायेगी, ग्लोबल वारमिग घट जायेगी जिस कारण से धरती के तापमान में काफी गिरावट आएगी और ये काफी अच्छी बात है।

वाहन द्वारा जहरीली हवा एकदम घट जायेगी माँ गंगा में छोडा गया फैक्ट्री द्वारा मलबा नहीं जाएगा जिस कारण माँ गंगा के प्रदुषण में कमी आएगी।



हम सबको मिलकर कोरोना को हराना है।

भारत का ये इकलौता राज्य जो तोड़ सकता है कोरोना के सारे रिकॉर्ड ????

भारत का ये इकलौता राज्य जो तोड़ सकता है कोरोना के सारे रिकॉर्ड ????



मध्य प्रदेश में लगातार कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है. अगर कोविड-19 संक्रमण से निपटने में लापरवाही बरती गई तो इस महीने के आखिर तक प्रदेश में कोरोना मरीजों की कुल संख्या ढाई हजार तक पहुंच जाएगी. आइआइएम इंदौर के शोध अध्ययन में ये आंकड़े सामने आ रहे हैं. आइआइएम इंदौर और अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी के पांच प्रोफेसरों ने मिलकर यह शोध किया है.
बता दें की बायो स्टेटिक्स के ये विशेषज्ञ कह रहे हैं कि संक्रमितों को यदि उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है तो मई अंत तक प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या 50 हजार के पार पहुंच जाएगी. इसके उलट यदि प्रशासन ने तेजी से सटीक कदम उठाए तो मप्र मई अंत तक सिर्फ तीन हजार कोरोना मरीजों तक संक्रमण को सीमित कर सकेगा. आइआइएम इंदौर के प्रोफेसर सायंतन बैनर्जी के साथ अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी के प्रो. वीरा, प्रो. रूपम भट्टाचार्य, प्रो. सारिक मोहम्मद और प्रो. उपाली नंदा ने यह शोध किया है. भारत और अमेरिका के ये पांच प्रोफेसर साथ मिलकर मार्च से कोविड-19 संक्रमण के मामलों का अध्ययन और आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं.
वहीं इस शोध के शुरुआती विश्लेषण को सामने रखते हुए आइआइएम इंदौर के प्रो. सायंतन बैनर्जी कहते हैं कि अकेला लॉकडाउन संक्रमण से निपटने का कारगर तरीका नहीं है. अगर इसी रफ्तार से मामले बढ़ते रहे तो मप्र में अप्रैल अंत तक ढाई हजार मामले होंगे और मई खत्म होने तक यह संख्या 50 हजार के पार तक पहुंच जाएगी. हम आंकड़ों से डराना नहीं चाहते. सुकून देने वाली बात तो यह है कि यदि लॉकडाउन के साथ प्रशासन सही कदम उठा ले तो प्रदेश में मई अंत तक कोविड-19 के कुल मामले 3 हजार तक सीमित किए जा सकते हैं. इतने मरीजों का इलाज करने और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हम सक्षम हैं.

कोरोना: मुस्लिम सब्जी वालों से आधार कार्ड मांगा गया, हिंदुओं के ठेले पर भगवा झंडा लगाया

कोरोना: मुस्लिम सब्जी वालों से आधार कार्ड मांगा गया, हिंदुओं के ठेले पर भगवा झंडा लगाया



कोरोना महामारी संकट के बीच मुसलमानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत की वजह से कई चिंताजनक खबरें आ रही हैं और इससे जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं.


नई दिल्ली: कोरोना वायरस को लेकर तब्लीगी जमात का मामला सामने आने बाद से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाह और नफरत का असर देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिल रहा है.
कहीं मुसलमान होने की वजह से सब्जी वाले को गली में घुसने नहीं दिया जा रहा, कहीं उनसे आधार कार्ड मांगा जा रहा, कहीं जबरदस्ती लोगों ने मुस्लिमों की दुकानें बंद करा दीं तो कहीं हिंदू फेरी वालों के ठेले पर भगवा झंडा लगा दिया जा रहा ताकि उसकी पहचान की जा सके.
कोरोना महामारी संकट के बीच मुसलमानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही नफरत की वजह से ऐसी ही अनेकों चिंताजनक खबरें आ रही हैं और इससे जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं.
बीते सोमवार को परेशान होकर उत्तर प्रदेश के महोबा के मुस्लिम सब्जी विक्रेताओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की. ये वो लोग हैं जिन्हें लॉकडाउन में गांवों, शहरों में सब्जी बेचने की अनुमति दी गई है.
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, दिल्ली की एक कॉलोनी के एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति सब्जी वाले से आधार कार्ड मांग रहा है. जब सब्जी वाला आधार कार्ड देने में असमर्थता जताता है तो वो व्यक्ति उसे कॉलोनी से बाहर निकाल देता है और कहता है अगली बार तब आना जब पास में आधार कार्ड हो.
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के ऐसे ही एक अन्य वीडियो में एक मुस्लिम सब्जी वाले को मजबूरन अपना नाम बदलकर सब्जी बेचना पड़ रहा था, लेकिन वो पकड़ा गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे नफरत वाले वीडियो देखकर उसे लगा कि अगर वो अपना मुस्लिम नाम बताएगा तो लोग सब्जी नहीं लेंगे.
इसके चलते जावेद को मजबूरी में अपना नाम संजय कर लिया. लेकिन पकड़े जाने पर आस-पास के लोगों ने उसे काफी खरी-खोटी सुनाई और उस पर सांप्रदायिक टिप्पणी की.
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति जावेद को कह रहा है, ‘आप संजय कैसे हो गए? क्या चाहते हो आप, हिंदुओं को मिटाना? तुम लोग सैकड़ों की संख्या में रोज नमाज पढ़ रहे हो. मोदी जी मना कर रहे हैं की भीड़-भाड़ न करो लेकिन फिर भी तुम लोग नहीं मान रहे.’
हालांकि प्रशासन का ये दावा है कि जो भी फेक न्यूज फैला रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लेकिन बावजूद इसके मुसलमानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर जो नफरत भरे मैसेज, वीडियो का जो सैलाब आया है वो थमने का नाम नहीं ले रहा.
वहीं उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जहां पर कुछ हिंदूवादी संगठनों के लोगों ने हिंदू सब्जी वालों के ठेले पर भगवा झंडा लगा दिया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कोई हिंदू इनके अलावा यानी कि मुस्लिमों से सब्जी न खरीदे.
वीडियो में सब्जी विक्रेता कहते हैं कि ये भगवा झंडा हिंदू-मुस्लिम की वजह से लगाया गया है. उन्होंने कहा कि इससे हमारी सब्जियां ज्यादा बिकती हैं.
मालूम हो कि दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो सब्जी वाले से उसका धर्म पूछकर उसकी पिटाई कर रहा था. आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया. इसका नाम प्रवीण बब्बर है और ये बदपुर का रहने वाला है.

कोरोना वायरस टेस्ट से पहले ही शख्स की आत्महत्या, सफदरजंग की 7वीं मंजिल से ..... !!!!




कोरोना वायरस का खौफ लोगों में इस कदर फैल चुका है कि लोग इसके नाम से ही डर रहे हैं. बुधवार को राजधनी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर एक 25 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली. 

व्यक्ति को वहां बुधवार रात के टेस्ट के लिए लाया गया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के बालाचूर का रहने वाला यह शख्स सिडनी से एयर इंडिया की फ्लाइट से शाम को आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरा था. एडिशनल डीसीपी- I (दक्षिण-पश्चिम) इंजीत प्रताप ने कहा कि व्यक्ति को हवाई अड्डे से अस्पताल ले जाया गया था.


आत्महत्या की जानकारी पुलिस को रात 9.39 बजे पीसीआर कॉल से मिली थी. सफदरजंग और आरएमएल दो मुख्य अस्पताल हैं जहां विदेशों से आने वाले लोगों को परीक्षण के लिए ले जाया जाता है. स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मरीज पिछले एक साल से सिडनी में रह रहा था. उसे एयर इंडिया की एक फ्लाइट के जरिए गुरुवार को दिल्ली लाया गया था. 

व्यक्ति ने सर में दर्द की शिकायत की थी.
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मरीज पिछले एक साल से सिडनी में रह रहा था. उसे एयर इंडिया की एक फ्लाइट के जरिए गुरुवार को दिल्ली लाया गया था. व्यक्ति ने सर में दर्द की शिकायत की थी. प्रवक्ता ने कहा "जब डॉक्टर कमरे में पहुंचे, तो वह कमरे में नहीं मिला. नीचे की मंजिल से बाहर आते हुए एक डॉक्टर ने रात लगभग 9.15 बजे फर्श पर शव पड़ा देखा''.


देश में फैले COVID-19 के टेस्ट सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उतरने वाले यात्रियों की जांच कर रही है. दिसंबर में चीन के वुहान शुरू हुई इस महामारी को लेकर 14 लाख लोगों की जांच की गई है. भारत में अब तक कोरोनावायरस संक्रमण के 151 मामलों की पुष्टि की गई है, जिनमें से 134 का वर्तमान में इलाज चल रहा है.